वो शायद मतलब से मिलते है, मुझे तो मिलने से मतलब है...

Tuesday, 23 September 2014

एक समझदार नदी पार करने के बाद नाव को किनारे ही छोड़कर आगे बढ़ जाता है जबकि एक मुर्ख नाव के एहसान और वफ़ादारी में उसे सर पर उठाके ढोता है।

एक समझदार

Posted by Bansi Lal at 07:20 No comments:
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Bansi Lal
गलत लोग सभी के जीवन में आते हैं लेकिन सीख हमेशा सही देकर जाते है.. नजा़कत तो देखिये, कि सूखे पत्ते ने डाली से कहा... चुपके से अलग करना वरना लोगो का रिश्तों से भरोसा उठ जायेगा.. अपना वही है, जो खामोशी को पढ़ सके...!! वरना अंदाज़े तो बेगाने भी लगा लेते है...!!
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